दैवीय आपदा कोष से सहायता केवल पंजीकृत पशुपालकों को मिलेगी
रिपोर्ट : शान मुहम्मद (शानू)
महोबा। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम प्रकाश ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि दैवीय आपदा के कारण पशुहानि की स्थिति में केवल उन्हीं पशुपालकों को सहायता मिलेगी, जिन्होंने अपने पशुओं का पंजीकरण कराया है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार राज्य आपदा मोचक निधि एवं राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि से राहत प्रदान करने के लिए संशोधित मानकों के तहत नियम लागू किए गए हैं। इसमें सर्पदंश, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि, अग्निकांड, भूकंप, शीतलहरी, लू-प्रकोप, ओलावृष्टि, बाढ़, भू-स्खलन जैसी आपदाओं से प्रभावित पशुपालकों को राहत दी जाएगी।
इस सहायता का लाभ छोटे एवं सीमान्त किसानों तथा भूमिहीन पशुपालकों को मिलेगा, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उनके स्वामित्व वाले पशु स्थानीय प्रशासन के नामित अधिकारियों के पास पंजीकृत हों। इसलिए जिले के सभी पशुपालकों से अनुरोध किया गया है कि वे तहसील, ब्लॉक या ग्राम स्तर पर स्थित पशुधन विभाग कार्यालय में जाकर अपने दुधारू (गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर आदि) और गैर-दुधारू (घोड़ा, ऊंट, बैल, गधा, खच्चर आदि) पशुओं का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं, ताकि आपदा की स्थिति में उन्हें तत्काल सहायता मिल सके।