सिजहरी गांव में शव दफनाने को लेकर तनाव, प्रशासन सतर्क, जमीन की पैमाइश का भरोसा

कमलेश कुमार राजपूत
महोबा। जनपद के श्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिजहरी गांव में एक मुस्लिम महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। इस घटना के बाद गांव सांप्रदायिक और प्रशासनिक तनाव का केंद्र बन गया है। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि जिस भूमि पर शव दफनाया गया है, वह कब्रिस्तान की नहीं बल्कि सरकारी जमीन है और इसके जरिए अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है। वहीं मुस्लिम पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जमीन को पुराना कब्रिस्तान बता रहा है।
मामले में विश्व हिंदू परिषद और विश्व हिंदू महासंघ खुलकर सामने आ गए हैं। दोनों संगठनों ने शव दफनाने को “लैंड जिहाद” करार देते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ सकती हैं। संगठनों की सक्रियता के बाद गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब विहिप के विभाग मंत्री मयंक तिवारी और विश्व हिंदू महासंघ के जिला संयोजक अनुज महाराज ने समर्थकों के साथ सिजहरी गांव कूच करने की चेतावनी दी। इस चेतावनी को प्रशासन ने कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए मयंक तिवारी को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। मौके पर एसडीएम शिवध्यान पांडेय, महोबा व चरखारी के सीओ सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
विहिप नेताओं का कहना है कि उनका विरोध किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ है। मयंक तिवारी ने स्पष्ट किया कि यदि राजस्व विभाग की पैमाइश में यह साबित हो जाता है कि जमीन कब्रिस्तान की है, तो संगठन को कोई आपत्ति नहीं होगी। लेकिन यदि जमीन सरकारी पाई गई, तो शव को वहां से हटाकर निर्धारित कब्रिस्तान में दफन कराया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, गांव के मुस्लिम पक्ष का दावा है कि विवादित भूमि वर्षों से कब्रिस्तान के रूप में उपयोग हो रही है। उनका कहना है कि पूर्व में भी उसी स्थान पर शव दफनाए गए हैं और यह मामला बेवजह तूल दिया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक और संगठनों के दबाव में गांव की शांति भंग की जा रही है।
प्रशासन ने दोनों पक्षों को संयम बरतने की अपील की है। एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने आश्वासन दिया है कि राजस्व टीम द्वारा शीघ्र ही जमीन की पैमाइश कराई जाएगी, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। रिपोर्ट आने तक किसी भी प्रकार की नई गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि शांति व्यवस्था कायम रह सके।



