बिहार में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव, तेजस्वी यादव की श्रेणी घटी, नितिन नबीन व ललन सिंह को Z सुरक्षा
पटना। बिहार में प्रमुख राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया है। राज्य स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद विभिन्न नेताओं की सुरक्षा श्रेणियों में संशोधन किया गया है। इस निर्णय के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कमी

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव की सुरक्षा श्रेणी को Z से घटाकर Y+ कर दिया गया है। पहले उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, जिसमें अपेक्षाकृत अधिक संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। अब Y+ श्रेणी के तहत उन्हें सीमित संख्या में सुरक्षा कर्मी उपलब्ध रहेंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह निर्णय नियमित सुरक्षा समीक्षा और खतरे के आकलन के आधार पर लिया गया है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को Z श्रेणी

वहीं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन को Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। हालिया राजनीतिक दायित्वों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बढ़ती सक्रियता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया बताया जा रहा है।
ललन सिंह की सुरक्षा बढ़ी

जदयू कोटे से केंद्र में मंत्री ललन सिंह की सुरक्षा श्रेणी को बढ़ाकर Z कैटेगरी कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य नेताओं की सुरक्षा में भी संशोधन किया गया है।
सरकारी पक्ष का कहना है कि सुरक्षा श्रेणियों का निर्धारण केवल खुफिया इनपुट, सार्वजनिक गतिविधियों और संभावित खतरे के स्तर के आधार पर किया जाता है।
सुरक्षा श्रेणियों का अर्थ
भारत में वीआईपी सुरक्षा मुख्यतः X, Y, Y+, Z और Z+ श्रेणियों में विभाजित होती है।
- Z श्रेणी में लगभग 20 से अधिक सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाते हैं।
- Y+ श्रेणी में लगभग 10–12 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं।
इन श्रेणियों का निर्धारण समय-समय पर समीक्षा के आधार पर बदला जा सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
सुरक्षा में हुए इस बदलाव को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा है, जबकि सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह प्रशासनिक और सुरक्षा मूल्यांकन आधारित निर्णय है।
बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था में हुआ यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि खतरे के आकलन में परिवर्तन होता है तो सुरक्षा श्रेणियों में पुनः संशोधन संभव है। फिलहाल यह निर्णय प्रशासनिक समीक्षा के तहत लागू कर दिया गया है।


