यूपी पंचायत चुनाव: राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेज……..

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है और आयोग ने चुनावी प्रक्रिया के तहत बड़ा कदम उठाते हुए जिलों में मतपत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में करीब 60 करोड़ मतपत्र भेजे जाएंगे।
हालांकि, चुनाव की तारीखों को लेकर अब भी सस्पेंस बरकरार है।
मतपत्र वितरण प्रक्रिया शुरू
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत पहले चरण में मतपत्रों की छपाई और वितरण का कार्य तेज कर दिया है। जिलों को आवश्यक संख्या में मतपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि चुनाव की घोषणा होते ही मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
सूत्रों के मुताबिक, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत स्तर के विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग मतपत्र तैयार किए जा रहे हैं।
मतदाता पुनरीक्षण की पहली सूची जारी
चुनावी प्रक्रिया के तहत आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण की पहली सूची जारी कर दी है। मतदाता सूची पर प्राप्त दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है।
आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 28 मार्च को पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की दिशा में अगला कदम उठाया जा सकता है।
समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का मुद्दा
पंचायत चुनाव को लेकर एक बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है। प्रदेश में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन अभी तक नहीं हो पाया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आयोग के गठन में देरी होने पर चुनाव टल भी सकते हैं।
हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि चुनाव की तैयारियां पूरी तरह से जारी हैं और जैसे ही आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होंगी, चुनाव तिथियों की घोषणा कर दी जाएगी।
प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी सक्रियता
जिलों में चुनावी तैयारियों को लेकर प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है। अधिकारियों को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन, बूथों की तैयारी, कार्मिकों की नियुक्ति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर निर्देश दिए गए हैं।
राजनीतिक दल भी जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गए हैं और संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं।
तारीखों पर सस्पेंस बरकरार
हालांकि तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन पंचायत चुनाव की आधिकारिक तिथि को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। आयोग का कहना है कि सभी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।
फिलहाल, उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर माहौल गरमाता जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं, लेकिन चुनाव की तारीखों पर बना सस्पेंस राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

