फ्री बिजली वाला खेल खत्म? सरकार ने जारी किया NEP 2026 का ड्राफ्ट — महंगी होगी बिजली?

भारत सरकार ने राष्ट्रीय विद्युत नीति (NEP) 2026 का मसौदा (Draft) जारी कर दिया है, जिसे हितधारकों से सुझाव लेने के लिए सार्वजनिक किया गया है। यह मसौदा वर्तमान नीति (2005) के स्थान पर लागू होने के लिए तैयार किया गया है और इसके कई बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं।
🔎 क्या हुआ जारी?
✔ विद्युत मंत्रालय ने 21 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट NEP 2026 जारी किया है।
✔ यह नीति सार्वजनिक परामर्श के लिए खोली गई है।
✔ मसौदा नीति को अंतिम रूप देने से पहले राज्य, उद्योग, उपभोक्ता और विशेषज्ञों से टिप्पणियाँ ली जाएँगी।
📌 मुख्य बातें — सरकार क्या कह रही है?
📌 1. नीति का उद्देश्य
- विद्युत क्षेत्र को भविष्य-तैयार, किफायती, वित्तीय रूप से टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाना।
- यह नीति 2030 तक प्रति व्यक्ति 2,000 kWh और 2047 तक 4,000+ kWh की बिजली खपत लक्ष्य रखती है।
- यह विकसित भारत @ 2047 की ऊर्जा मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
📊 2. मुफ्त बिजली — क्या सच में खत्म?
💡 NEP 2026 ड्राफ्ट में “मुफ्त बिजली” शब्द सीधे नहीं लिखा गया है, लेकिन नीति के प्रावधान ऐसे बदलाव सुझाते हैं जो लागत-अनुरूप दरों की ओर ले जाते हैं:
👉 वर्तमान में कई राज्यों में कुछ वर्गों (जैसे कृषि/घरेलू उपभोक्ता) को कम दर या उचित सब्सिडी दी जाती है।
👉 मसौदा सुझाव देता है कि सब्सिडी की भरपाई राज्य सरकारों को पहले से बजट में करनी होगी और कमी होने पर टैरिफ को लागत-अनुरूप बनाना होगा।
👉 नीति में, यदि राज्य नियामक समय पर टैरिफ आदेश नहीं जारी करते, तो टैरिफ स्वचालित रूप से एक इंडेक्स के अनुसार बढ़ सकता है।
👉 इसका सीधा अर्थ है कि सब्सिडी-आधारित मुफ्त/अत्यधिक सस्ती बिजली की परंपरा लंबे समय तक जारी नहीं रह सकती।
➡ इसीलिए मीडिया और विश्लेषकों ने लिखा है कि “मुफ्त बिजली वाला खेल खत्म हो सकता है”, लेकिन मसौदा में ‘मुफ्त बिजली रोकने’ जैसा शब्द प्रत्यक्ष नहीं है — यह लागत-अनुरूप दर और वितरण कंपनियों के वित्तीय स्वास्थ्य पर जोर का परिणाम है।
💰 3. बिजली बिलों पर असर — महंगी होगी बिजली?
नीति मसौदा बिजली बिलों के सीधे बढ़ने की गारंटी नहीं देता, लेकिन बदलाव के कारण:
✔ यदि राज्य नियामक समय पर टैरिफ नहीं बढ़ाते हैं, तो टैरिफ इंडेक्स के अनुसार स्वतः बढ़ सकता है।
✔ क्रॉस-सब्सिडी (उच्च शुल्क वाले उपभोक्ताओं से सब्सिडी का वित्तपोषण) को चरणबद्ध रूप से कम करने का प्रस्ताव है।
✔ इससे उच्च-उपभोक्ता वर्ग के लिए टैरिफ सस्ता और सब्सिडी-ग्रस्त वर्गों के लिए लागत-सूचक भुगतान का बोझ राज्य सरकार पर बढ़ सकता है।
✔ नीति का लक्ष्य डिस्कॉम्स के घाटे तथा कर्ज को कम करना है, जिससे दीर्घ-काल में सिस्टम में स्थिरता आए।
👉 मतलब यह नहीं कि आज से बिजली बिल आकस्मिक रूप से महंगी हो जाएगा, लेकिन लागत-अनुरूप टैरिफ प्रणाली के कारण दीर्घकाल में दरों में संशोधन सम्भव है।
🌿 4. नीति में अन्य अहम खंड
- नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर/विंड) को बढ़ावा और प्रसार।
- ग्रिड मजबूती और वितरण में सुधार।
- प्रतिस्पर्धा, निजी निवेश और मजबूत नियामक फ्रेमवर्क।
- जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप उत्सर्जन को कम करना और टेक्नोलॉजी आधारित सुधार।
✔ भारत सरकार ने ** Draft National Electricity Policy 2026** जारी किया है।
✔ यह मसौदा मुफ्त बिजली शब्द नहीं कहता, लेकिन लागत-अनुरूप टैरिफ और सब्सिडी नीति में बदलाव को सुझाता है।
✔ इससे दीर्घकाल में बिजली दरों की समीक्षा और संभव वृद्धि की संभावना बढ़ सकती है।
✔ नीति का लक्ष्य डिस्कॉम वित्तीय स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा, और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
श्रोत सोशल मीडिया


