पिता की तेरहवीं के दिन युवक की हत्या मामले में आठ और आरोपी गिरफ्तार
महोबा। जिले के अजनर थाना क्षेत्र में पिता की तेरहवीं के दिन हुए युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे आठ और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार कार्रवाई कर रही है।
तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, अजनर थाना क्षेत्र के लेवा गांव निवासी रामकृपाल का बीमारी के चलते निधन हो गया था। 19 जनवरी की रात उनके घर तेरहवीं का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान पास स्थित शिव मंदिर तिराहे पर कुछ युवक शराब के नशे में हंगामा और गाली-गलौज कर रहे थे।
परिजनों ने जब इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में रामकृपाल के 18 वर्षीय पुत्र विकास की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके भाई आकाश, चाचा सुरजन और अन्य परिजनों को गंभीर चोटें आईं।
पहले दो आरोपी भेजे जा चुके थे जेल
घटना के बाद मृतक के चाचा सुंदरलाल की तहरीर पर अजय सिंह, साहब सिंह समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद नामजद आरोपी अजय और साहब सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आठ और आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गई थीं। लगातार दबिश के बाद पुलिस ने फरार चल रहे आठ और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद सभी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गांव में तनाव, पुलिस की निगरानी जारी
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, “मामले में अब तक कुल दस आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
यह घटना सामाजिक कार्यक्रम के दौरान उपजे मामूली विवाद के गंभीर रूप लेने का उदाहरण है, जिसने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


