ग्राम अनघौरा में तेरहवीं भोज प्रथा का बहिष्कार, बहुजन समाज ने लिया सामूहिक संकल्प
चरखारी/महोबा। विकासखंड क्षेत्र के ग्राम अनघौरा में बहुजन समाज (अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग) के लोगों ने बैठक कर तेरहवीं भोज की प्रथा का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इस पहल की शुरुआत सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक एवं वयोवृद्ध घनश्याम प्रजापति ने अपनी पत्नी के निधन के उपरांत तेरहवीं भोज न कराने का निर्णय लेकर की।
बताया गया कि श्री प्रजापति की पत्नी का निधन 8 जनवरी को हुआ था। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद उन्होंने समाज के लोगों से विचार-विमर्श के बाद तेरहवीं पर भोज न देने का निर्णय लिया। बैठक में उपस्थित समाज के सदस्यों ने इसे एक सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर घनश्याम प्रजापति ने कहा कि मृत्यु भोज भारतीय समाज में एक कुरीति के रूप में स्थापित हो चुकी है, जो विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर अनावश्यक बोझ डालती है। उन्होंने कहा कि समाज का जागरूक वर्ग इस प्रथा को समाप्त करना चाहता है, लेकिन ठोस निर्णय लेने में हिचकिचाहट होती रही है।
बैठक में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी इस कुप्रथा के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।



